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Health Tips: मानसून में भूलकर भी ज्यादा न खाएं ये 4 दालें, बढ़ सकती है गैस, अपच और पेट की परेशानी

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Alam Ki Khabar: बारिश के मौसम में खान-पान में लापरवाही आपकी सेहत पर भारी पड़ सकती है। जानिए मानसून में किन दालों का सेवन कम करना चाहिए और स्वस्थ पाचन के लिए क्या सावधानियां जरूरी हैं।

नई दिल्ली, 15 जुलाई।मानसून का मौसम जहां गर्मी से राहत देता है, वहीं इस दौरान खान-पान में थोड़ी सी लापरवाही भी सेहत पर भारी पड़ सकती है। बारिश के मौसम में वातावरण में नमी बढ़ने के कारण बैक्टीरिया और फंगस तेजी से पनपते हैं, जिसका असर पाचन तंत्र पर भी पड़ता है। स्वास्थ्य विशेषज्ञों का मानना है कि इस मौसम में ऐसी चीजों का सेवन सीमित मात्रा में करना चाहिए, जिन्हें पचाने में अधिक समय लगता है। दालें शरीर के लिए प्रोटीन और पोषण का अच्छा स्रोत हैं, लेकिन कुछ दालें मानसून में गैस, अपच और पेट फूलने जैसी समस्याएं बढ़ा सकती हैं। उड़द दाल को भारी माना जाता है। कमजोर पाचन वाले लोगों को इसका अधिक सेवन करने से गैस, अपच और पेट में भारीपन महसूस हो सकता है। यदि उड़द दाल खानी हो तो इसे अच्छी तरह भिगोकर पकाएं और हींग, जीरा तथा अदरक जैसे मसालों का प्रयोग करें। चना दाल भी प्रोटीन और फाइबर से भरपूर होती है, लेकिन मानसून में अधिक मात्रा में खाने से कब्ज, गैस और पेट फूलने की समस्या हो सकती है। इसे भी भिगोकर अच्छी तरह पकाने के बाद ही खाना चाहिए। राजमा स्वादिष्ट होने के साथ पौष्टिक भी है, लेकिन इसे पचने में अधिक समय लगता है। अधपका या कम पका राजमा पेट दर्द और अपच का कारण बन सकता है। इसलिए इसे कई घंटे तक भिगोकर अच्छी तरह गलाकर ही सेवन करना चाहिए। छोले भी भारी भोजन की श्रेणी में आते हैं। बारिश के मौसम में अधिक मात्रा में छोले खाने से एसिडिटी, गैस और पेट फूलने जैसी समस्याएं हो सकती हैं। विशेषज्ञों की सलाह है कि मानसून में सभी दालों को अच्छी तरह धोकर, पर्याप्त समय तक भिगोकर और पूरी तरह पकाकर ही खाएं। बहुत अधिक तेल और मसालों के इस्तेमाल से बचें तथा हमेशा ताजा भोजन का सेवन करें। पाचन बेहतर रखने के लिए दाल में हींग, जीरा और अदरक का उपयोग लाभदायक माना जाता है।

बरसात में भोजन का चुनाव ही बेहतर स्वास्थ्य की कुंजी है

मानसून में शरीर की पाचन क्षमता सामान्य दिनों की तुलना में कुछ कमजोर हो सकती है। ऐसे में संतुलित भोजन, पर्याप्त पानी, ताजा खाना और साफ-सफाई का ध्यान रखना जरूरी है। यदि किसी दाल को खाने के बाद बार-बार गैस, अपच या पेट दर्द की शिकायत होती है तो डॉक्टर या डाइटिशियन की सलाह लेना बेहतर रहेगा।

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